चुनाव आते ही सरकारों के प्रति आमजन की उम्मीदें बढ़ जाती है

गोरखपुर — जब जब चुनावी मौसम आता है आम जनता के साथ साथ प्रत्येक व्यवसाय से जुड़े लोगों की उम्मीदे आने वाली सरकारों से बढ़ जाती है।ऐसा ही एक वर्ग बुनकरो का है जो मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के दसहरी बाग, रसूलपुर, जामियानगर ,ज़ाहिदबाद, हुमायुपुर, चकशाहुसैन, जमुनहिया, पिपरापुर, मोहनलाल पुर,अलीनगर, आदि क्षेत्रों में सैकड़ो परिवार में बड़े पैमाने पर हैंडलूम उद्योग से जुड़ा है और तौलिया, चादर, गिलाफ, पर्दा, शाल का प्रमुखता से तैयार किया जाता है।लेकिन सरकार आती है जाती वर्षो बिट जाते है लेकिन इन बुनकरों के जीवन मे कोई सुधार नही हुआ इनकी स्थिति और हालात पहले से भी बत्तर होता जा रहा है। इन बुनकरों द्वारा तैयार किये गए कपड़े गोरखपुर, कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बनारस दिल्ली आदि शहरों में निर्यात किये जाते थे तो इनका परिवार भी खुशी से चलता था ।

आज हालात ये हो गए है कि पिछले 9 से 10 महीने से इनका कोई भी माल बाहर नही गया है इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है कि सूत की कीमत अधिक होने बाजार में माल की डिमांड कम होने और आने वाले सूत की क्वालिटी में फर्क आने से उनका धंधा ही चौपट हो गया है ऊपर से जब से सरकार ने इस पर 5 परसेंट GST लगा दिया है तब से बची हुई उम्मीद भी चली गयी है । आज इस धधे से जुड़े लगभग लोगो ने इस काम से मुह मोड़ लिया है । जिन लोगो के पास कोई और विकल्प नही बचा है वो जैसे तैसे इस काम को कर रहे है एयर मुश्किल से 150 से 200 सौ रोज कमा पाते है ।

लेकिन इसके वावजूद सरकारों की उदासीनता के कारण आज हथकरघा उद्योग पूरी तरह से खत्म हो गया। लेकिन इन सब के वावजूद इन लोगो को उम्मीद है कि आने वाली सरकार हैंडलूम पर GST हटा कर अन्य विकल्पों पर इस तरह लागू करे ताकि इनका जीवन भी सुधर जाए ।