नकली तेल का धड़ल्ले से चल रहा कारोबार, रहें सावधान !

अंकित मिश्रा

खुटार (शाहजहांपुर)

यदि आप पीले रंग के किसी भी तेल को शुद्ध सरसों का तेल समझकर खरीदते आ रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. इस समय बाजार में नकली सरसों का तेल धड़ल्ले से बिक रहा है. असली सरसों के तेल की तरह से ही एकदम पीले और चमकीले रंग का यह मिलावटी तेल बाकायदा ब्रांडे्ड कंपनी की बोतल और टीन में रैपर लगाकर उपलब्ध है.
तेल माफिया सरसों के तेल में मिलावट करके जहां लाखों में खेल रहे हैं, वहीं जनता की जेब पर डाका और स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है. अफसरों की लापरवाही के चलते माफिया के हौंसले बुलंद हैं.

जिले से लेकर नगर तक में इस समय खाद्य तेल का काला कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है. सरसों के तेल में मिलावटखोरी कर तेल माफिया लाखों में खेल रहे हैं. शुद्ध सरसों के तेल से आधी कीमत पर ही पॉमआयल व राइस ब्रान (चावल के छिलके से तैयार तेल) मिलाकर कई गुना अधिक तक कमाई की जा रही है.

शुद्ध सरसों के पीले रंग के लिए खतरनाक केमिकल का प्रयोग कर माफिया जनता के स्वास्थ्य से जमकर खिलवाड़ कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि नगर में गुपचुप तरीके से भारी मात्रा में पॉम ऑयल व राइस ब्रान तेल बाहर से मंगाया जा रहा है.

जिले में विभिन्न स्थानों पर लगी इन अवैध तेल फैक्ट्रियों में दोगुने से तीन गुना तक की मात्रा में पॉमआयल व राइस ब्रान मिलाया जा रहा है. इसके बाद बाकायदा ब्रांडेड कंपनी की बोतल व टीन में भरकर इसे मार्किट में सप्लाई कर दिया जाता है. अधिक मुनाफे के चक्कर में फुटकर विक्रेता इस तेल को बिक्री कर रहे हैं.

अनजान उपभोक्ता इस तेल को खरीदकर बेवजह ही विभिन्न गंभीर बिमारियों का शिकार हो रहे हैं, जबकि माफिया लाखों में खेल रहे हैं. अफसरों की लापरवाही के चलते तेल माफिया जिले के साथ-साथ पड़ोस के नगर व ग्रामीण इलाके में नकली तेल तैयार कर सप्लाई कर रहे हैं.

ऐसे बन रहा मिलावटी तेल

पॉम ऑयल व राइस ब्रान की मिलावट कर माफिया तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. बाजार में मिलावटखोर राइस ब्रान या पॉम ऑयल में आधा से एक तिहाई तक सरसों का तेल मिलाते हैं. इन तेलों में खुशबू नहीं होती है. इसलिए सरसों के तेल की ही खुशबू देने लगता है. सरसों के पीले तेल की तरह ही दिखने के लिए इसमें एक पीला केमिकलयुक्त रंग और एसेंस मिलाया जाता है. इसके बाद तेल को मार्केट में सप्लाई कर दिया जा रहा है.
प्रति टीन पर 600 तक का मुनाफा
मार्केट में असली सरसों का तेल 100 से 120 रुपये लीटर तक बिक रहा है. सरसों के तेल में मिलावट के बाद इसे बाजार में असली तेलों के भाव में ही बेचा जा रहा है. बाकायदा ब्रांडेड कंपनियों के रैपर लगाकर टीन व बोतल धड़ल्ले से बिक रही है. मिलावटखोर प्रति टीन पर 600 रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं.
मिलावटी तेल से लीवर डैमेज का खतरा

विशेषज्ञ का कहना है कि इस तेल के प्रयोग से फूड प्वायजनिंग, आंतों का इंफेक्शन और अन्य पेट संबंधी गंभीर बीमारी हो सकती है. लंबे समय तक इसके प्रयोग से लीवर डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है.