BJP सांसद विनय कटियार बोले, ‘भगवान राम चाहते हैं एक बलिदान और हो’

 

अयोध्या ,बीजेपी के फायरब्रैंड नेता और राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने शनिवार को अयोध्या में एक बड़ा बयान दिया। नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विनय कटियार ने कहा, ‘भगवान राम चाहते हैं एक बलिदान और हो और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।’
अयोध्या में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कटियार ने कहा कि भगवान राम चाहते हैं कि एक बलिदान और हो और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा, तभी जाकर अयोध्या में मंदिर का निर्माण हो सकेगा। कटियार ने कहा कि अब तक करीब साढ़े तीन लाख लोगों ने राम जन्मभूमि के लिए अपना बलिदान दिया है और ऐसे ही एक और बलिदान के लिए हम सभी को तैयार होना होगा। उन्होंने कहा कि यह बलिदान कैसा होगा, अभी यह कहना कठिन है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का केस चल रहा है, इसका निर्णय क्या होगा यह तो नहीं पता लेकिन सवाल यह है कि जिन लोगों ने इस मुद्दे को लेकर अपना बलिदान दिया है उनका क्या होगा।

‘कई स्थानों पर मंदिरों को सुरक्षित रख पाना हुआ कठिन’
भाषण के दौरान कटियार ने कहा कि हम सिर्फ मथुरा और काशी की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश में ऐसे कई देवस्थान हैं जिन्हें मुगल शासकों द्वारा तोड़ा गया है। कटियार ने आरोप लगाया कि कश्मीर में तमाम मंदिर तोड़े जा रहे हैं और देश में कई ऐसे स्थान हैं जहां मंदिरों को सुरक्षित रख पाना कठिन हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज यह जरूरत है कि जब तक अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण ना हो, हम सभी इसके लिए संकल्पित रूप से काम करते रहें। भाषण के दौरान श्री श्री रविशंकर की द्वारा की जा रही सुलह की कोशिशों पर प्रतिक्रिया देते हुए कटियार ने कहा कि आज इस मामले में वह लोग वार्ता करने आ रहे हैं जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है ।

‘महाजिद का अंत करने के लिए करना होगा संघर्ष’
लोगों को संबोधित करते हुए कटियार ने कहा कि अयोध्या में बहुत सारी मस्जिद हैं और जो लोग मस्जिद की मांग कर रहे हैं वह एक ‘महाजिद’ कर रहे हैं। इस महाजिद को खत्म करने के लिए हम सबको संघर्ष करना होगा, तभी जाकर हमारे देवता के मंदिर का निर्माण हो सकेगा। कटियार ने कहा कि हमें यह उम्मीद है कि 2019 तक राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और हम इसके लिए अपनी तैयारी भी कर चुके हैं। बता दें कि कटियार का यह बयान उस वक्त आया है जबकि देश भर में तमाम संगठन अयोध्या मामले को आपसी सुलह से हल करने की पहल कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आगामी दिनों में सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में नियमित रूप से सुनवाई करने जा रहा है।