अहमदाबाद और पुरी में निकाली जा रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं

ओडिशा के पुरी और गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है। रथयात्रा को लेकर मंदिर और पुलिस की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। भारी संख्या में सुरक्षाबल के जवानों की भी तैनाती हो रखी है। बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने रथ को खींच कर इस रथयात्रा की शुरुआत की। अहमदाबाद में रथयात्रा भगवान जगन्नाथ के मुख्य मंदिर से सरसपुर के रणछोड़दास मंदिर तक जाएगी।भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ यहां करीब दो घंटे रुकेंगे। सरसपुर के रणछोड़दास मंदिर को भगवान जगन्नाथ का ननिहाल कहा जाता है।

रथयात्रा में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों लोग अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। बता दें कि रथयात्रा से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह  जगन्नाथ मंदिर में हुई मंगल आरती में शामिल हुए।

भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगरयात्रा पर निकलेंगे। भगवान की इस रथयात्रा में करीबन 2500 साधु-संत हिस्सा ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, रथयात्रा की सुरक्षा के लिए 1.5 करोड़ रुपये का बीमा भी लिया गया है। रथयात्रा के दौरान अगर कोई बड़ी हानि होती हे तो उसके लिए ये बीमा सुरक्षा देगा।

भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा, ‘रथ यात्रा उत्सव आरंभ होने पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं। भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से हर किसी का जीवन शांति, खुशहाली और समृद्धि से भरपूर रहे।

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर देश को जगन्नाथ रथयात्रा की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचे।

हर वर्ष नए रथ का होता है निर्माण

आपको बता दें कि हर वर्ष यात्रा के लिए नए रथ का निर्माण होता , जिसका आकार-प्रकार हर वर्ष एक ही जैसा होता है। मूल रूप से रथ के निर्माण के लिए नारियल की लकड़ी का प्रयोग होता है, क्योंकि ये हल्की होती है। भगवान जगन्नाथ के रथ का रंग लाल -पीला होता है और यह अन्य रथों से आकार में भी बड़ा होता है। भगवान जगन्नाथ के रथ में 18 पहिए लगे होते हैं, जबकि बलराम के रथ में 16 और सुभद्रा के रथ में 14 पहिए होते है।