राज्यपाल शासन का सेना के ऑपरेशन पर कोई फर्क नहीं – विपिन रावत

दिल्ली – जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार गिर जाने के बाद और वहां राज्यपाल शासन लगने को लेकर सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने का बड़ा बयान आया है। राज्यपाल विपिन रावत के मुताबिक राज्यपाल शासन से सेना के ऑपरेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, सेना के ऑपरेशन पहले की तरह चलते रहेंगे। उन्होंने कहा, हमने सिर्फ रमजान के दौरान जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रोके थे, ऑपरेशन रोकने से क्या हालात हुए ये सबने देखा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेना किसी तरह के राजनैतिक हस्तक्षेप का सामना नहीं करती। इससे पहले सोमवार को सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने जम्मू-कश्मीर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया था और सीमा क्षेत्र में एवं आंतरिक इलाकों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।

गौरतलब है कि रमजान के दौरान सीजफायर खत्म होते ही सेना ने दक्षिण कश्मीर में कई जगह आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरु कर दिए है। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के त्राल में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में 3 आतंकी मारे गए, मारे गए आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर भी शामिल है। वहीं सोमवार को भी बांदीपुरा जिले में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में दो आतंकवादी ढेर हुए थे।

वहीं जम्मू-कश्मीर में बीजेपी का साथ छूटने के बाद से महबूबा की सरकार अल्पमत में आ गई और सरकार गिर गई। बीजेपी ने महबूबा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीपी अपनी मन मर्जी चला रही थी जिससे घाटी में आतंकवाद बढ़ रहा था। इसलिए बीजेपी ने ये फैसला लेते हुए सरकार से अपने को अलग कर लिया।