फतेहपुर के शहीद विजय का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई

फतेहपुर – जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में रविवार की सुबह पाकिस्तान की ओर से अचानक हुई गोलाबारी में फ़तेहपुर का लाल वीरगति को प्राप्त हो गया. फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र के सठिगंवा निवासी बीएसएफ के जवान विजय कुमार पाण्डेय और उसके एक साथी की शहादत की सूचना गांव सठिगवां पहुंची तो  कोहराम मच गया। शहीद के शव को देर रात गांव पहुंचा।

शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई 

आज शहीद वी.के.पांडे की अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में उमड़ी भीड़ और राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी गई। विजय कुमार पाण्डेय बीएसएफ की 33वीं वाहिनी के सिपाही थे और वर्तमान में जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में पाकिस्तान सीमा में तैनात थे। पाकिस्तान से हो रही भारी गोलाबारी का बहादुरी से जवाब देते समय विजय और उनके एक साथी देवरिया के सत्य नारायण शहीद हो गए।  सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया, शहीद के घर सुबह से ही गांव और क्षेत्र के लोग शहीद के परिवार को ढांढस बंधाने और शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव मेंलोगों का हुजूम इकठ्ठा हो गया।

20 जून को होनी थी शहीद विजय की शादी 

शहीद विजय के परिवार में पिता के अलावा एक भाई अजय पाण्डेय हैं जो नगर निगम कानपुर में संविदा में नौकरी करते हैं। विजय की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही प्राइमरी विद्यालय से हुई थी। उसके बाद उन्होंने आदर्श इंटर कॉलेज साल्हेपुर से इंटर की पढ़ाई पूरी की। कानपुर में डिग्री की पढाई के दौरान ही 4 जुलाई को बीएसएफ में भर्ती हो गये थे । शहीद जवान विजय कुमार पाण्डेय की 20 जून को शादी होनी थी। 15 जून को उनका तिलक था। इसके लिए शहीद ने छुट्टी के लिए आवेदन भी कर रखा था जो मंजूर हो चुका था। विजय 5 जून से छुट्टी पर घर आने वाले थे।विजय की शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके हैं आज बीएसएफ द्वारा फोन पर शहादत की सूचना मां ने सुनी तो बदहवाश हो गयी। बेटे के शहीद होने की पहली सूचना मां को मिलते ही सविता देवी के हाथ से फोन गिरा और वह खुद रोते हुए जमीन पर बैठ गई, जिसके बाद अन्य परिजनों को घटना की जानकारी हो सकी। घटना के बाद केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने भी शहीद जवान के अंतिम दर्शन किए साथ ही परिवार को ढांढस भी बंधाय़ा।