समलैंगिक रिश्तों की घिनौनी दास्तां, वो करती थी अपनी ही सहेली से प्यार

समलैंगिक रिश्तों की घिनौनी दास्तां, वो करती थी अपनी ही सहेली से प्यार

गाज़ियाबाद ,,अपने समलैंगिक रिश्तो को जिंदा रखने के लिए एक सहेली ने अपनी ही सहेली पर फिकवा दिया तेजाब, इसके लिए उसने किराए के गुंडे हायर किए। और यह एसिड कांड अंजाम दे फिया। मामला एक लड़की के एक तरफा प्यार का है। लेकिन जिससे वह प्यार करती थी, हैरत की बात यह है कि वह भी लड़की ही है। मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके का है। पुलिस ने आरोपी सहेली समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें वह किराए के गुंडे भी शामिल हैं, जिनसे एसिड फिकवाया गया ।  पूरा मामला समझ लेते हैं

गाजियाबाद में 20 मार्च की सुबह साहिबाबाद के व्यस्त मोहन नगर इलाके में दो बाइक सवार युवकों ने PNB बैंक के कर्मचारी पर उस समय तेजाब फेंक दिया था, जब वह ऑटो में सवार थी। तेजाब के छींटे 6 और लोगों पर गए थे ।जिनको प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। 7 लोगों पर हुए इस तेजाब कांड  ने सभी को हिलाकर रख दिया था। असल निशाने पर थी, साहिबाबाद इलाके की रहने वाली PNB कर्मचारी ।  जो घर से अपने ऑफिस में ऑटो के लिए जा रही थी। किसी को पता नहीं चला कि क्यों यह सब हुआ।  शुरुआती दौर में कयास लगाया गया कि एकतरफा प्यार में यह सब हुआ होगा।  और जब खुलासा हुआ तो मामला भी यही निकला।  लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि उस एकतरफा प्यार में अंधा कोई जुनूनी आशिक युवक नहीं था,  बल्कि पीड़िता की सहेली अंजू गुप्ता थी । जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अंजू के साथ दो भाड़े के गुंडे, और दो अन्य उसके साथी गिरफ्तार किए गए हैं।

पता चला है कि अंजू ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड को भी इस मामले में शामिल करने की कोशिश की थी। लेकिन हसने माना कर दिया था।
पकड़े गए लोगो का इतिहास
पकड़े गए बाकी के चार लोगों में से एक से एसिड खरीदा गया था । दूसरे ने एसिड अरेंज करवाया था । बचे दो भाड़े के गुंडे हैं । फिलहाल अंजू मयूर विहार में रहती है ।

बताया जा रहा है कि अंजू और पीड़िता पहले नोएडा में एक साथ काम किया करते थे। उसी दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी।  और वह दोस्ती समलैंगिक रिश्ते में बदल गई।  इसके बाद दिल्ली में भी दोनों साथ रहे।  और अंजू को यह लगने लगा कि अब उसका पीड़िता के अलावा दुनिया में कोई नहीं है।  वह किसी और से प्यार नहीं कर सकती है।  ऐसे में सब कुछ ठीक चल रहा था।  लेकिन अंजू को इस बीच पता चला कि पीड़िता किसी लड़के से शादी करने वाली है । जिससे वह प्यार करने लगी है । बस इसी बात पर अंजू ने पीड़िता को कई बार समझाया कि वह अपने रिश्ते से दूर न भागे । लेकिन जब पीड़िता नहीं मानी, तो आरोपी अंजू ने अपने दो साथियों को साथ लिया और भाड़े के दो गुंडे किए और तेजाब फेंकने की डील हुई।  साहिबाबाद के मोहन नगर में 20 मार्च को तेजाब कांड अंजाम दे दिया गया।

पुलिस ने तमाम कॉल रिकॉर्ड खंगाला।  और परिवार से भी पूछा गया कि किस से दुश्मनी हो सकती है।  पहले एक शख्स से और दुश्मनी निकलकर सामने आई । लेकिन वह ऐंगल खाली गया । और आखिरकार तमाम जांच और अंजू गुप्ता को हिरासत में लिए जाने के बाद कड़ाई से हुई पूछताछ के बाद पूरा मामला सामने आया ।