असम की उड़नपरी ने तोड़ा मिल्खा सिंह और पी.टी.उषा का रिकॉर्ड

Hima Das ने तोड़ा रिकॉर्ड आखिर क्यों हो रही है इतनी चर्चा

दिल्ली – असम की 18 साल की हिमा ने फ़िनलैंड के टैम्पेयर शहर में आयोजित आईएएएफ़ विश्व अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, असम की बेटी हिमा दास ने इतिहास रचते हुए देश का नाम रोशन किया है। दरअसल 400 मीटर रेस कॉम्पिटीशन की प्रथम पुरस्कार विजेता हिमा दास ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

दरअसल 18 साल की हिमा दास असम के नागोन जिले की रहने वाली हैं उन्होंने गुरूवार को आईएएएफ़ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा की विजेता बन गईं। हिनाविश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी हिनाहिमा के पिता रॉनजित दास किसान हैं। चावल की खेती करते हैं। हिमा 5 बच्चों में सबसे छोटी हैं। हिना के कोच गुवाहाटी के रहने वाले हैं। हिना ने 2 साल उनके साथ ही रेस की प्रेक्टिस की।

हिमा ने दो मशहूर खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा

इस पदक को जीतने के बाद हिना ने भारत के उस सूखे को भी खत्म कर दिया जो कई वर्ष पहले से राह देख रहा था। बता दें कि इससे पहले भारत के लेजेंड मिल्खा सिंह और पीटी उषा ने देश का नाम रौशन किया था लेकिन कई वर्षों बाद वही लम्हा दोहराया गया लेकिन हिना ने इस उपलब्धि को अपने नाम करते हुए मिल्खा सिंह और पीटी ऊषा को भी पीछे छोड़ दिया।
इससे पहले ये उपलब्धि मिल्खा सिंह और पीटी ऊषा ने अपने नाम की थी। पीटी ऊषा ने 1984 ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल रेस में चौथा स्थान प्राप्त किया था तो वहीं मिल्खा सिंह ने 1960 में रोम ओलंपिक में 400 मीटर रेस में चौथा स्थान मिला था। अभी तक इन दोनें खिलाड़ियों के अलावा कोई भी च्रैक इंवेट में ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाया था।