नाराज़ साधु-संतों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी से की मुलाकात, राम मंदिर निर्माण का मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन

अयोध्या – भाजपा से नाराज़ चल रहे अयोध्या रामजन्म भूमि के मुख्य पुजारी हो और रामजन्म भूमि से जुड़े अन्य साधू-संत, महंत राम मन्दिर निर्माण को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो गए थे, 2019 लोकसभा चुनाव के पहले संतो के बदलते रूख से भारतीय जनता पार्टी में खलबली मच गई थी, ऐसे में नाराज साधू-संतों को मनाने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री ने सभी साधू-संतों ने लखनऊ आवास बुलाकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात करने के बाद सभी साधू-संतों की नाराजगी अब खत्म हो गई है, अयोध्या के साधु-संतों ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अयोध्या के विकास के साथ राम मंदिर के निर्माण पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बात साधू-संतों ने मीडिया से बातचीत कर बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वास्न दिया है कि राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा साथ ही अयोध्या की सूरत भी जल्द बदलेगी. उन्होंने कहा कि 25 जून को होने वाले धर्म संसद में भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण ही सबसे बड़ा मुद्दा होगा।

 

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान से नाराज़ से अयोध्या के साधु-संत

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का एकमात्र एजेंडा सिर्फ विकास ही होगा, राम मंदिर को बीजेपी के एजेंडे से दूर होता देख अयोध्या के सभी साधू-संत नाराज हो गए और सभी ने एक सुर में बीजेपी को 2019 के लोकसभा चुनाव में अनजाम भुगतने की चेतावनी दे डाली। साधू-संतो की इस चेतावनी से बीजेपी में हड़कंप मच गया जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के सभी संतों को बुलाकर राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के विकास करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री से मुलाकात और उनके द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद सभी संत खुश नजर आए और उन्होंने कहा केन्द्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है इससे अच्छा मौका राम मंदिर निर्माण के लिए कभी नहीं आएगा जिसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ काफी सजग हैं।