यूपी के दो रेलवे स्टेशन की बागडोर महिलाओ के हाँथ में

 

यूपी महिला कर्मचारियों के हाथों में होगी यूपी के दो रेलवे स्टेशनों की बागडोर
इस मुहिम की शुरुआत 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर होने जा रही है.
उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल में दो स्टेशनों पर अब सिर्फ महिला कर्मचारी ही नजर आएंगी. स्टेशनों पर रेल परिचालन की कमान संभालने वाले स्टेशन मास्टर से लेकर सभी पदों पर सिर्फ महिला कर्मचारी ही काम करती नजर आएंगी. इसकी शुरुआत 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर होने वाली है. पहले फेज में कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन और इलाहाबाद के बम्हरौली स्टेशन पर यह व्यवस्था शुरू होने जा रही है.

नार्थ सेन्ट्रल रेलवे से सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने खास बातचीत में बताया कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पहले फेज में कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन और इलाहाबाद के बम्हरौली स्टेशन पर हम लोग महिला कर्मचारियों की तैनाती करने जा रहे है. इन दोनों स्टेशनों पर तीनों शिफ्ट में सिर्फ महिला कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा. ऑपरेटिंग से लेकर ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी इन महिला स्टाफ के कंधों पर होगी. उन्होने बताया कि महिलाओं को जागरुक करने के लिए रेलवे की तरफ से अनोखी पहल है. जिससे समाज में ये संदेश जाए कि महिलाएं भी पुरुषों के बराबर काम कर सकती हैं.

*सबसे महत्वपूर्ण होता है ट्रेनों का संचालन * सीपीआरओ बंसल के मुताबिक एक स्टेशन पर स्टेशन मास्टर समेत करीब 12-15 स्टाफ की तैनाती की जाएगी. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण होता है ट्रेनों के संचालन को महिलाओं के हाथों में पूरी तरह से देना. वहीं स्टेशन पर सुरक्षा से जुड़े आरपीएफ की महिला जवानों को तैनात किया जाएगा. गौरव कृष्ण बंसल बताते हैं कि चूंकि रेलवे में महिला स्टााफ की कमी है, इसलिए अभी दो स्टेशनों पर इसकी शुरुआत की जा रही है. ऐसे में नतीजे देखने के बाद रेलवे की ओर से महिला कर्मचारियों की तैनाती वाले स्टेशनों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है.

लोको पायलट और टीटीई के पदों पर दे रही है सेवाएं ,गौरतलब है कि रेलवे में महिलाएं काफी समय से विभिन्न पदों पर काम कर रही हैं. इनमें पहले से महिला लोको पायलट और टीटीई के पदों की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी भी महिलाएं निभा रही हैं. ऐसे में अब महिलाओं के हाथों में दो स्टेशनों की बागडोर पूरी तरह सौंपकर महिला सशक्तीकरण का बड़ा संदेश देने की तैयारी की गई है.