सोनाली बेंद्रे ही नहीं और भी सेलिब्रिटीज़ हैं जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बिमारी को मात देकर दोबारा जिंदगी शुरू की

रिपोर्ट – साहबदीन यादव, लखनऊ 

‘अकेली न बाज़ार जाया करो…नजर लग जायेगी’

1998 में आई फ़िल्म मेज़र साहब का का ये गाना आज भी लोगों को के दिलों से अछूता नहीं है। अपने जमाने का मशहूर गाना आज भी लोगों को उतना ही नचाता है जितना इस गाने ने 90ज़ में धूम मचाई थी। इस गाने की अचानक याद आज इसलिए आई क्योंकि सच में आज न जाने किसकी नज़र इस गाने की अदाकारा सोनाली बेंद्रे को लग गई जिसके चलते सोनाली इन दिनों बहुत ही कठिन परिस्थितियों से गुज़र रहीं हैं।

फ़िल्म दिलजले, मेजर साहब, सरफरोश, हम साथ-साथ हैं जैसी तमाम फिल्मों में कामकर लाखों दिलों पर राज करने वाली अपने जमाने की मशहूर फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे इन दिनों हाइग्रेड कैंसर डायग्नोज़ बीमारी से पीड़ित हैं। इसका इलाज़ सोनाली न्यूयॉर्क में करवा रहीं हैं। सोनाली ने इसकी जानकारी खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट से देते हुए लिखा कि ‘कई बार ज़िंदगी आपको ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है जिसके बारे में आपने कभी सोचा ही नहीं होगा। हाल ही में मुझे हाईग्रेड कैंसर हो गया जिसके बारे में हमें कुछ पता ही नहीं चल पाया। अचानक हुई इस घटना से मैं और मेरा भी अचम्भित हैं लेकिन ऐसे में मेरे दोस्त और परिजन मुश्किल की इस घड़ी में मुझे सहारा दे रहे हैं, जिसके लिए मैं उन सबकी शुक्रगुज़ार हूं।’

सोनाली फ़िलहाल अपने डॉक्टर की सलाह पर इन दिनों न्यूयॉर्क में इस गंभीर बीमारी का इलाज करवा रही हैं। बीमारी की परवाह किये बिना सोनाली कैंसर की इस लड़ाई से लड़ने के लिए तैयार हैं।

इन सेलिब्रिटीज़ ने भी कैंसर से लड़ी लड़ाई

कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से न सिर्फ सोनाली ही ग्रसित हैं बल्कि इससे पहले और भी कई सेलिब्रिटी हैं जिन्होंने कैंसर जैसी भयानक बीमारी को मात देते हुए खुद को मौत के मुंह से निकाला है। अगर अभिनेत्रियों की बात करें तो इसमें सबसे पहले नाम आता है नरगिस दत्त का।

नरगिस दत्त

सुनील दत्त की पत्नी और संजय दत्त की मां नरगिस को 1980 के दौरान पेंक्रियाटिक कैंसर हो गया था जब वो 51 वर्ष की थी। इस बीमारी से उन्‍हें काफी तकलीफ हुई थी लेकिन उन्होंने इस लड़ाई से हार नहीं मानी थी। बताते हैं कि 1980 में नरगिस की कैंसर की बीमारी लाइलाज हो चुकी थी हालात ये हो गए थे कि नरगिस इलाज के दौरान नरगिस कोमा में चली गयी, इलाज के लिए सुनील दत्त उन्हें अमेरीका ले गए, कीमोथेरेपी के कारण नरगिस को भयंकर पीड़ा होती थी जिसे देख डॉक्टर्स भी बिचलित हो गए थे नरगिस की पीड़ा को देखते हुए डॉक्टरों ने सुनील दत्त को सलाह दी कि वो नरगिस का लाइफ सपोर्ट सिस्टम स्विच ऑफ कर दें ताकि नरगिस को इस पीड़ा से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाए लेकिन सुनील दत्त ने इससे साफ़ इंकार कर दिया। सुनील दत्त नरगिस से बेहद प्यार करते थे और उनके साथ एक-एक क्षण को जीना चाहते थे, इसे सुनील दत्त की मुहब्बत का नतीजा कहें या नरगिस की बिमारी के खिलाफ लड़ने की ताकत नरगिस कुछ दिनों बाद कोमा से बाहर आ गईं और उनकी हालत में तेजी से सुधार भी होने लगा लेकिन उनका कोमा से बाहर आना एक चमत्कार ही था हालाकिं नरगिस ज्यादा दिनों तक फिर भी जीवित न रह सकीं और 3 मई 1981 को उनकी मृत्यु हो गयी लेकिन उन्होंने कैंसर को मात दे दी थी।

मनीषा कोईराला

दूसरी अभिनेत्री थी मनीषा कोईराला, मनीषा 2012 में जब नेपाल के काठमांडू में रह रही थी तब उन्हें पता चला था कि वह कैंसर जैसी भयानक बीमारी से पीड़ित हैं। इसकी जानकारी से मनीषा को गहरा धक्का लगा लेकिन उन्होंने जिंदगी से हार नहीं मानी, उन्होंने भी न्यूयॉर्क में इलाज कराया। बता दें कि मनीषा की ओवरी कैंसर से घिरी थी लेकिन मनीषा ने साहसिक कदम उठाते हुए अपना इलाज़ करवाया। मनीषा ने कीमोथेरेपी के बाद बिना बाल वाली अपनी फोटो को भी शेयर की थी।

अनुराग बासु

बॉलीवुड के सबसे क्रियेटिव डॉयरेक्टरों में गिने जाने वाले अनुराग बासु को भी ल्यूकेमिया नाम का कैंसर हो गया था और उस समय अनुराग फिल्म ‘तुम सा नहीं देखा’ को निर्देशित कर रहे थे। बताया जाता है कि इस बिमारी से लड़ते हुए अनुराग को 17 दिन वेंटिलेटर पर भी रखा गया था लेकिन तीन साल के लगातार इलाज के बाद अनुराग ठीक होकर लौटे उनके साहस को देखते हुए उन्हें अमेरिकन कैंसर सोसायटी द्वारा कैंसर सरवाईवर का अवार्ड भी दिया गया था।

युवराज सिंह

फिल्म जगत के अलावा भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार ऑलराउंडर, ‘सिक्सर किंग’ युवराज सिंह भी कैंसर से पीड़ित थे। साल 2011 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान ही युवराज की तबीयत बिगड़ने लगी थी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। चेक-अप कराने पर पता चला कि उन्हें फेफड़ों में कैंसर है। एक साल तक अमेरिका में उनका इलाज चला और 2012 में वह कैंसर को मात देते हुए दोबारा क्रिकेट के मैदान में लौट आए।