जब अविश्वास प्रस्ताव का कारण नहीं बता पाए तो गले पड़ गए – पीएम मोदी

शाहजहांपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में रौजा के रेलवे मैदान में किसान कल्याण रैली को संबोधित किया यहां उन्होंने शाहजहांपुर के शहीदों को नमन करने के बाद युवाओं के उत्साह को बढ़ाते हुए उनके उत्साह के लिए उन्हें सराहा भी। वहीं कल सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की हार पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर जमकर बरसे।

पीएम मोदी ने कहा देश की जनता मोदी पर भरोसा कर रही है और वह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस बात का अविश्वास। पीएम ने कहा कि जितने कमजोर उनके आंकड़े उससे कमजोर उनका आचरण। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्री कहते थे कि सौ रुपए गांव में जाते-जाते 15 हो जाते हैं। पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि आखिर वह कौन सा पंजा था जो रुपए को घिसकर 15 पैसे बना देता था। महागठबंधन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि जितने ज्यादा दल एक साथ मिलेंगे उतना ही दल-दल होगा और जितना ज्यादा दल-दल होगा, उतना ही कमल खिलेगा।

पीएम मोदी ने कल सदन में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के कोने-कोने को मोदी पर विश्वास है, लेकिन कुछ दलों को विश्वास नहीं है। मोदी ने कहा कि हमने उनके अविश्वास का बार-बार कारण पूछा है, लेकिन वो कारण नहीं बता पाए और गले पड़ गए। पीएम ने कहा कि अहंकार, दंभ और दमन के संस्कार आज का युवा भारत सहने को तैयार नहीं है। चाहे साइकिल हो या हाथी, कोई भी हो साथी, स्वार्थ के इस पूरे स्वांग को देश समझ चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्र से एक रुपया निकलता है तो गरीबों तक 15 पैसा पहुंचता है, हम पूछते हैं उस वक्त देश में सिर्फ उन्‍हीं की सरकार थी फिर भी कौन सा पंजा पैसा खा जाता था, लेकिन हमने इसे तोड़ कर दिखा दिया। हमने देश के हर गांव हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम किया है। 18000 गांवों तक जब बिजली पहुंची तो उन लोगों ने ये बोलना शुरू कर दिया कि गांव में बिजली गई, लेकिन घरों तक नहीं पहुंची है हमने बिचौलियों और मुफ्तखोर लोगों का धंधा बंद करवा दिया ऐसे में वो हमें हटाना चाहते हैं। ऐसे में हम उनसे पूछते हैं कि अगर घर तक बिजली नहीं पहुंची थी उसका जिम्मेदारी कौन है। 70 सालों तक उन लोगों ने राज किया, लेकिन बिजली गांव और घरों तक बिजली नहीं पहुंचा सके।