रेलवे में एसी कोच में अब तौलिया नहीं नैपकिन मिलेगा

दिल्ली – रेलवे बोर्ड ने एक आदेश जारी किया है जिसके मुताबिक एसी डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों को जो फेस टॉवल (तौलिया) दिए जाते हैं उनकी जगह पर अब सस्ते, छोटे और एक बार इस्तेमाल योग्य नैपकिन दिए जाएंगे।

रेलवे, यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में कुछ महीने पहले रेलवे बोर्ड ने एसी डिब्बों में यात्रा करने वालों को नायलॉन के कंबल उपलब्ध कराने का सभी जोन को आदेश दिया था और अब कॉटन के बिना बुनाई वाले फेस टॉवल देने को कहा है। फिलहाल फेस टॉवल पर जो खर्च आता है वह प्रति टॉवल 3.53 रुपये है।

सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को 26 जून को भेजे गए पत्र में बोर्ड ने कहा है कि नए नैपकिन पर खर्च कम आएगा क्योंकि उन्हें थोक में खरीदा जा सकता है और वह आकार में भी छोटे होंगे। एसी डिब्बों में यात्रा करने वालों के टिकट में बेडरोल की कीमत शामिल होगी। रेलवे वर्तमान में एसी डिब्बों में 52 सेंटीमीटर लंबा और 40 सेंटीमीटर चौड़ा तौलिया उपलब्ध कराती है। लेकिन अब सस्ते और एक बार इस्तेमाल होने वाले नैपकिन का आकार 40 सेंटीमीटर लंबा और 30 सेंटीमीटर चौड़ा रह जाएगा। नया नैपकिन पर्यावरण के अनुकूल होगा और यह सूती का बना होगा ताकि यह अधिक पानी को ग्रहण कर सकेगा। लंबी दूरी के सफर में प्रति बेडरोल के साथ जरूरत पड़ने पर दो नैपकिन वाला तौलिया दिया जाएगा।

रेलवे वर्तमान में एसी डिब्बों में 52 सेंटीमीटर लंबा और 40 सेंटीमीटर चौड़ा तौलिया उपलब्ध कराती है। लेकिन अब सस्ते और एक बार इस्तेमाल होने वाले नैपकिन का आकार 40 सेंटीमीटर लंबा और 30 सेंटीमीटर चौड़ा रह जाएगा। नया नैपकिन पर्यावरण के अनुकूल होगा और यह सूती का बना होगा ताकि यह अधिक पानी को ग्रहण कर सकेगा। लंबी दूरी के सफर में प्रति बेडरोल के साथ जरूरत पड़ने पर दो नैपकिन वाला तौलिया दिया जाएगा।