विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को सपा ने नहीं दिया टिकट, 24 प्रत्याशियों का नाम घोषित ; Election 2022

बहुजन समाज पार्टी में नेता विधायक दल रहे शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद भी टिकट नहीं मिला। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 के अंतिम चरण के मतदान वाले क्षेत्रों के लिए समाजवादी पार्टी ने जो 24 नाम की सूची जारी की है, उसमें शाह आलम का नाम नहीं है। आजमगढ़ के मुबारकपुर से लम्बे समय से विधायक रहे गुड्ड जमाली के स्थान पर अखिलेश यादव को टिकट दिया है।

समाजवादी पार्टी ने सोमवार को पार्टी के 24 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। छोटे दलों के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी ने सहयोगी दलों को भी काफी सीट दी हैं। सर्वाधिक 33 सीट राष्ट्रीय लोकदल को मिली है। समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ के सगड़ी से डा. एच एन पटेल, आजमगढ़ के मुबारकपुर से अखिलेश यादव, मऊ के मोहम्मदाबाद गोहाना (आरक्षित) से बैजनाथ पासवान, बलिया नगर से नारद राय, जौनपुर के मडिय़ाहूं से सुषमा पटेल, वाराणसी दक्षिण से किशन दीक्षित और सेवापुरी से सुरेंद्र सिंह पटेल के साथ मिर्जापुर के छानवे (आरक्षित ) से कृति कोल को टिकट दिया है।

UP Vidhan Sabha Election 2022: बहुजन समाज पार्टी में नेता विधायक दल रहे शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली

सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शुभावती शुक्ला

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 24 उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी की है। इसमें पार्टी ने गोरखपुर सदर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भाजपा के दिवंगत नेता उपेन्द्र शुक्ला की पत्नी शुभावती शुक्ला को टिकट दिया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2018 में गोरखपुर से लोकसभा का उप चुनाव लड़े उपेन्द्र शुक्ला भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। 2018 में हार जाने के बाद उनको 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी में टिकट नहीं दिया गया। 2019 में भोजपुरी फिल्मों के नायक रवि किशन को प्रत्याशी बनाया गया था। वह चुनाव जीते। करीब दो वर्ष पहले उपेन्द्र शुक्ला का निधन हो गया। समाजवादी पार्टी ने पडरौना विधानसभा सीट से पूर्व ब्लाक प्रमुख विक्रमा यादव प्रत्याशी घोषित किया है। यहां से स्वामी प्रसाद मौर्य चुनाव लड़ते थे, इस बार वह फाजिलनगर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं।

आजमगढ़ के मुबारकपुर के विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को मायावती ने लालजी वर्मा के स्थान पर विधान मंडल का नेता बनाया था। चंद महीने में ही जमाली का मोह बसपा सेे भंग हो गया और उन्होंने पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया। जमाली सिर्फ मायावती के ही करीबी नहीं थे बल्कि उनके भाई आनंद के भी बेहद करीबी और बिजनेस पार्टनर हैं। आजमगढ़ के मुबारकपुर से विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को यूपी के बड़े बिल्डरों में गिना जाता है। इनकी पूर्वांचल कांट्रक्सन कंपनी का गाजियाबाद, नोयडा जैसे शहरों में बड़ा नाम है। वर्तमान में वह पैसे के मामले में मायावती से कहीं आगे हैं।