राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा- अखिलेश के खिलाफ कार्रवाई करें

लखनऊ – उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर सरकारी बंगले में की गई तोड़फोड़ के मामले को यूपी के राज्यपाल ने राज्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों, खबर व चर्चा का स्वत: संज्ञान लेते हुए कड़ा रूख अपनाया है। राज्यपाल ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए खुद ही मामले का संज्ञान लिया और राज्य संपत्ति विभाग के अफसरों को बुलाकर जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी को भेजे गए पत्र में उन्होंने लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 4 विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित आवास को खाली किये जाने से पूर्व उसमें की गई तोड़फोड़ तथा उसे क्षतिग्रस्त किये जाने का मामला मीडिया तथा जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह एक नितान्त अनुचित व गम्भीर मामला है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों से होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाये जाने के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्रवाई की जाये। पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गए सरकारी आवास राज्य संपत्ति की श्रेणी में आते हैं। इनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों के विभिन्न प्रकार के करों से होता है। लिहाजा राज्य संपत्ति को क्षति पहुंचाना ठीक नहीं।

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आपको बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 3 जून को अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया था और 9 जून को इसकी चाभियां राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी। उसकी अगली सुबह राज संपत्ति विभाग ने मीडिया को बुलाकर अखिलेश यादव का बंगला दिखाया था जिसके बाद से ये मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। हालाकिं समाजवादी पार्टी ने इसको निराधार बताते हुए अखिलेश यादव की छवि को खराब करने की बात कह रही है।