योगी के अफसर पर लगा 25 लाख घूस मांगने का आरोप, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

लखनऊ – यूपी के मुख्यमंत्री सरकारी अफसरों पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कितना प्रयास करें लेकिन अफसर हैं कि मानते नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फतेहपुर और गोंडा के जिलाधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर अफसरों को चेताया लेकिन इसी बीच प्रदेश में एक और भ्रष्टाचार की शिकायत से हड़कंप मच गया है। दरअसल ये शिकायत एक शख्स ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल के खिलाफ राज्यपाल राम नाईक से की है जिसमें आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप के मुख्य मार्ग की चौड़ाई बढ़ाए जाने को लेकर प्रमुख सचिव 25 लाख रुपए की घूस मांग रहे हैं।

इस गंभीर आरोप पर राज्यपाल ने कार्रवाई के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। गवर्नर राम नाईक ने अपने पत्र में लिखा, ”अभिषेक गुप्ता नाम के शक्स ने मुझे ई-मेल करते हुए बताया है कि जनपद हरदोई में एस्सार ऑयल लिमिटेड द्वारा स्वीकृत पेट्रोल पंप की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है परंतु पेट्रोल पंप के मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवश्यक भूमि उपलब्ध कराए जाने के लिए श्री गुप्ता द्वारा प्रेषित किया गया प्रत्यावेदन वर्तमान में निर्णय हेतु प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.पी गोयल के स्तर पर लंबित है।” इसके साथ ही गवर्नर ने अपने पत्र में लिखा, ”श्री गुप्ता का कहना है कि पेट्रोल पंप के मुख्य मार्ग की चौड़ाई बढ़ाए जाने हेतु भूमि उपलब्ध करवाए जाने के लिए प्रमुख सचिव श्री ए.पी गोयल द्वारा श्री गुप्ता से 25 लाख रुपए की मांग की जा रही है और रिश्वत नहीं दिए जाने के कारण श्री गोयल द्वारा श्री गुप्ता के प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है जिससे पेट्रोल पंप की स्थापना नहीं हो पा रही है।’ राज्यपाल द्वारा भेजी गई इस चिट्ठी से प्रदेश के अफसरशाही में हड़कंप मच गया है।