मौन व्रत करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने नंगे पांव 6 घंटे में पूरी की 75 किमी की पंचक्रोशी परिक्रमा

वाराणसी – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार काशी में पंचक्रोशी परिक्रमा की। वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने पंचक्रोशी परिक्रमा के पांचों तीर्थ पड़ावों के साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। इस दौरान हजारों की भीड़ ने हर-हर महादेव के उद्घोष से उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री की पंचक्रोशी यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

आपको बता दें की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ, षोढस विनायक के दर्शन-पूजन करने के बाद मौन व्रत के साथ नंगे पांव मणिकर्णिका घाट से परिक्रमा पथ पर निकल पड़े। 75 किमी की पंचक्रोशी परिक्रमा लगभग छह घंटे में पूरी की। इस दौरान पंचक्रोशी यात्रियों के दिक्कतों को जाना और उसके समाधान के लिए मौन संकल्प भी लिया मुख्यमंत्री ने रात 12 बजे मणिकर्णिका घाट पहुंचकर संकल्प पूरा किया।

 

मुख्यमंत्री की पंचक्रोशी यात्रा का मिनट टू मिनट कार्यक्रम

शाम 6.10 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दल बल के साथ मणिकर्णिका घाट पर पहुंचे

6:20 बजे सीएम चक्रपुष्करणी से काशी विश्वनाथ और षोडश विनायक के दर्शन के लिए निकले

सीएम 7 बजे बजड़े से अस्सी घाट होते हुए प्रथम पड़ाव की ओर निकल गए।

अस्सी घाट से होते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ 8:12 बजे पंचक्रोशी के प्रथम पड़ाव कंदवा पहुंचे। कंदवा तालाब के दक्षिण सिरे से पैदल ही सीएम कर्दमेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और बाबा का दर्शन कर जलाभिषेक किया।

कर्दमेश्वर महादेव से आज्ञा लेकर सीएम योगी पंचक्रोशी के एकमात्र शक्ति धाम भीमचंडी 8:50 बजे पहुंचे। भीमचंडी धाम में गंधर्व तालाब पर सीएम ने संकल्प लेकर नौ बजे मंदिर पहुंचे।

‘भीमचंडिसे देवी काशिवासी निवासिनी आज्ञा देहि महादेवी पुर्नदर्श नमोस्तुते…’ की स्तुति के साथ सीएम ने मां भीमचंडी से आज्ञा ली और भगवान राम की तपस्थली तीसरे पड़ाव रामेश्वर के लिए प्रस्थान कर गए। 9:50 बजे दर्शन के लिए पहुंचे सीएम को मंदिर के महंत राममूर्ति दास उर्फ मद्रासी बाबा व पुजारी अनूप तिवारी के नेतृत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने षोडशोपचार विधि से पूजन के साथ रामेश्वर महादेव का लघु रुद्राभिषेक कराया।

सीएम का काफिला 10:40 बजे पंचक्रोशी तीर्थ के चौथे पड़ाव शिवपुर स्थित पांचो पंडवा मंदिर पहुंचा। मंदिर में दर्शन पूजन के बाद 10:45 बजे सीएम पंचक्रोशी तीर्थ के अंतिम पड़ाव के लिए निकल पड़े।

पंचक्रोशी परिक्रमा के पांचवे पड़ाव के बाद मणिकर्णिका घाट पर संकल्प छोड़कर इस स्तुति के साथ बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करके सीएम ने परिक्रमा को विराम दिया। पांचों पंडवा से निकलकर 11:10 बजे सीएम कपिलधारा मंदिर पहुंचे। कपिलधारा तालाब में आचमन के बाद सीएम ने वृषभध्वजेश्वर महादेव का दर्शन पूजन किया और मंदिर के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। 11:20 बजे सीएम मंदिर से मणिकर्णिका घाट की ओर निकल गए। राजघाट से सीएम बजे मणिकर्णिका घाट पहुंचे।