विकास दुबे का खजांची जय बाजपेयी भूमाफिया है या नहीं, अब यह बैठक में तय होगा

बीएसीएल के पदाधिकारी बनेंगे भूमाफिया….
बिकरू कांड के आरोपित विकास दुबे का खजांची जय बाजपेयी भूमाफिया है या नहीं, अब यह बैठक में तय होगा. इसके लिए केडीए, नगर निगम, रेलवे समेत अन्य सभी विभागों की बैठक प्रस्तावित है जो इसी सप्ताह होने की उम्मीद है. दरअसल जय इसमें अकेला नहीं है. उसके साथ चार और नाम हैं जिन पर भूमाफिया के तहत कार्रवाई पर विचार किया जाएगा. इसी के साथ ही बिनगवां में गरीबों की जमीन हड़पने वाले बीएसीएल कंपनी के पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.

 

बिकरू कांड से जुड़े जय बाजपेयी और उसके भाइयों पर अवैध तरीके से संपत्तियां अर्जित करने के आरोप लगे थे.जिसके बाद उसकी और उसके परिवार के नाम पर अर्जित संपत्तियों के साथ ही चार और दो पहिया वाहनों को सीज कर दिया गया था. जिलाधिकारी नेहा शर्मा के यहां संपत्ति और वाहन रिलीज की अर्जी दी गई थी लेकिन उन्होंने भी संपत्तियों और वाहन को रिलीज नहीं किया और फाइल गैंगस्टर कोर्ट को भेज दी थी. एडीएम फाइनेंस दयानंद प्रसाद ने बताया कि बीएसीएल और जयकांत बाजपेई व उसके भाइयों पर अन्य पर फैसला टॉस्क फोर्स की बैठक मे होगा.इसी हफ्ते में बैठक होगी.

इन नामों पर होना है विचार
भूमाफिया की सूची में जयकांत बाजपेयी के साथ ही साथी प्रशांत शुक्ला, भाई शोभित बाजपेयी, भाई रजय की पत्नी प्रभा बाजपेयी, बब्लू निषाद की पत्नी पूनम निषाद के नाम शामिल किए गए हैं. इनके लेखपाल ने भूमाफिया की कार्रवाई करने की रिपोर्ट दे दी है हालांकि कार्रवाई से पहले इनके नामों पर विचार किया जाएगा. इसी तरह से बिनगवां में गरीबों का आवास हड़पने वाले बीएसीएल कंपनी के पदाधिकारी भी भूमाफिया लिस्ट में शामिल हो सकते हैं. इसके लिए केडीए की रिपोर्ट मांगी गई है.

बिकरू कांड के आरोपित विकास दुबे का खजांची जय बाजपेयी भूमाफिया है या नहीं, अब यह बैठक में तय होगा. इसके लिए केडीए, नगर निगम, रेलवे समेत अन्य सभी विभागों की बैठक प्रस्तावित है जो इसी सप्ताह होने की उम्मीद है. दरअसल जय इसमें अकेला नहीं है. उसके साथ चार और नाम हैं जिन पर भूमाफिया के तहत कार्रवाई पर विचार किया जाएगा. इसी के साथ ही बिनगवां में गरीबों की जमीन हड़पने वाले बीएसीएल कंपनी के पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.