योगीराज में यूपी पुलिस कर रही बदमाशो का सम्मान

मेरठ , में अब पुलिस ही अपराधियों को समोसो और रसगुल्लों की दावत दे रही है, हिस्ट्रीशीटरों ने भी थाने में पुलिस की ये दावत जमकर उड़ाई, साथ ही पुलिस ने इनकी इस तरह खातिरदारी करने से पहले फूलमाला पहनकर इनका सम्मान भी किया, अब आप सोच रहें होंगे कि जो मेरठ पुलिस बदमाशों का एनकाउण्टर करती है वो ऐसे बदमाशों को दावत कैसे खिला सकती है, तो इस मसले को समझने के लिए ये हमारी पूरी रिपोर्ट देखिए।

ये अपराधी कभी मेरठ के लिए नासूर हुआ करते थे, लेकिन एक जमाने से जराए आम की दलदल में रहकर ये ऐसे धसे कि उसके बाद ये क्राइम की दुनिया से निकल नहीं पाए, लेकिन सरकार बदलने के बाद मेरठ पुलिस ने इन सभी बदमाशों को एक मौका दिया जिससे से खुद को सुधर ले और समाज की मुख्य धरा से जुड़ जाए, जी हां मेरठ पुलिस एनकाउंटर के साथ अब मेरठ पुलिस ने बदमाशों के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखते हुए पुराने हिस्ट्रीशीटरों मौका दिया कि वो अब क्राइम की दुनिया को छोड़ दे और समाज के साथ कंधे से कन्धा मिलकर चल, जिसमे पुलिस भी उनका साथ देगी, साथ भी ऐसा वैसा नहीं, बल्कि पुलिस इनको भविष्य में परेशान नहीं करेगी, और इनकी हर संभव काम करने में मद्दद भी करेगी, उधर ये मौका पाकर हिस्ट्रीशीटर भी काफी खुश है, इन सभी बदमशों ने क्राइम की दुनिया को छोड़कर अपने काम शुरू कर दिए है, कोई कबाड़ी का काम का रहा है तो कोई फल सब्जी बेच रहा है, इसके अलावा ये लोग जो भी कर सकते है वो अपने जीवन यापन करने के लिए कर रहे है,

आपको बता दे कि ये अपराधी एक दो नहीं बल्कि पुरे 15 है, जो कि थाना लिसाड़ीगेट क्षेत्र, थाना कोतवाली क्षेत्र, और थाना देहलीगेट क्षेत्र के है, इन पर एक एक नहीं बल्कि दर्जन दर्जन  दर्जन भर मुकदमे दर्ज है, जो कि मामूली धाराओं से लेकर गंभीर धाराओं तक है, इतना ही नहीं, इनपर जो मुकदमे है ये पिछले 25 सालो से चले आ रहे है, जिनके चक्कर में ये लोग न घरके थे न घाट के, इनको जिला बद्र होना पड़ता था, ये सभी चाहते थे कि कोई इनकी मद्दद करे तो ये लोग भी खूनखराबे की दुनिया को छोड़कर समाज के सज्जन बना सके, लेकिन ऐसा पिछली कई सरकारों में नहीं हो पाया था, लेकिन जब से भाजपा की सरकार आई तब से पुलिस ने काफी बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया है जबकि काफी को घायल करके गिरफ्तार कर लिया, जिससे भी बदमाशों के दिलो में खौफ पैदा हो गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी थी कि ये तो अपराधी अपराध छोड़ दे, नहीं तो प्रदेश छोड़ दे नहीं तो उसकी जगह ऊपर या जेल में होगी, किसी भी अपराधी को खुला नहीं रहने दिया जाएगा, बस इस बयान के बाद ही मेरठ के हिस्ट्रीशीटरों के दिल में खौफ की जगह थोड़ी उम्मीद भी जगी, और आज इन्होने पुलिस की मदद से अपराध छोड़ दिया।

ऐसा नहीं है ये छोटो मोटे अपराधी है, ये काफी बड़े अपराधी है, अपने टाइम इनका बदमाशी में काफी नाम रहा है, अब जाए आम की दुनिया को छोड़कर ये न कवाल खुश है बल्कि इन्होने पुलिस के साथ सीएम का भी आभार व्यक्त किया है, और इनका कहना है कि जिन थानों में इनको पुलिस के डंडे खाने को मिलते थे आज पुलिस की पहल से इनको इसी ठाणे में खाने के लिए रसगुल्ले और समोसे खाने को मिल रहे है, हालांकि अभी ये  पुलिस भी नहीं जानती कि ये लोग अपराध छोड़ भी देंगे या केवल पुलिस की नज़र से बचने और मीडिया और समज में अपनी अच्छी छवि बनने के लिए केवल ये स्टंट कर रहे है, अब भविष्य में देखना ये भी होगा कि क्या ये लोग वास्तव में सुधर गए है या अपनी हरकतों से फिर वेस्ट यूपी को हिलाएंगे।